Saturday, July 31, 2021

Top 10 Marriage Hall and Banquet Hall in Meerut

Marriage Hall (Weeding Hall or Banquet) is the place where organize most precious and beautiful life event. Where you are enjoying the all-happy movement without being intrepid. 

 Fell the all lovely movements like Marriage, Birthday Party, Sagai and Many more. In this post, we provide you the Top 10 Marriage Hall, Wedding Hall, Banquet, and Resort list of Meerut.


1.      Venus Garden 


2.      Raja Rani Mandap & Banquet Hall 


3.      Hotel G G Farms


4.      Royal Chamber Marriage Hall


5.      Royal Bliss Banquet


6.      Madhu Banquet Hall


7.      Jagdish Mandap


8.      Radha Govind Mandap


9.      Sanskriti Resorts


10.  Subhadra Farm House


For More detail visit the office website of Marriage Hall.

Also Know about top 10 CBSE Schools in Meerut.

Tuesday, July 27, 2021

Top 10 CBSE Schools In Meerut

 Here is the list of top 10 CBSE and the best 10 CBSE schools in Meerut.

Being the best has always been the matter of race between rabbit and turtle. The very calm nature turtle wins that race and the notorious rabbit loses it. 

But here it is not like that, it is not a race between the notorious, it is a contest between who is providing the best and the high-quality education to the students and reserve its seat in the list of top 10 CBSE schools in Meerut.

Here is the list as follow:-

1- CJ DAV School
2- Shanti Niketan Vidyapeeth
3- Dewan Public School
4- KL International School
5- The Adhyan
6- Dayawati Modi Academy
7- Meerut Public Girls School
8- The Millenium
9-  St. Patrick's Academy
10- St. Marry's Academy

CJ DAV is the best school in Meerut and it has always been reserved it seat under the category of top 10 schools in Meerut and after CJ DAV, Dewan public school is the best school in Meerut and it has also reserved it seat under the category of TOP 10 CBSE school in Meerut. 

Top 10 CBSE School in Meerut


Friday, January 15, 2021

Best IT and Digital Marketing Companies In Meerut

 Why You Go Noida And Delhi ?

Best It Company's Know Available in Meerut. Meerut keep Grow in It Field and many it company's provides best service like Digital Marketing, Website Designing, Mobile App and Software Application. Some Most Famous it Company in Meerut List  is here.

1.TechDost Service Pvt Ltd

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2.Namaste Technology - 

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4.STM Developments -

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Friday, October 18, 2019

दिवाली के 5 दिन का महत्व


धनतेरस |Dhanteras
नरक चतुर्दशी |Naraka Chaturdashi
लक्ष्मी पूजन | Lakshmi Pooja
गोवर्धन पूजा (बलि प्रतिपदा) | Govardhan Puja
भाईदूज |Bhai Dooj



1. पहला दिन(धनतेरस) : पहले दिन को धनतेरस कहते हैं। दीपावली महोत्सव की शुरुआत धनतेरस से होती है। इसे धन त्रयोदशी भी कहते हैं। धनतेरस के दिन मृत्यु के देवता यमराज, धन के देवता कुबेर और आयुर्वेदाचार्य धन्वंतरि की पूजा का महत्व है। इसी दिन समुद्र मंथन में भगवान धन्वंतरि अमृत कलश के साथ प्रकट हुए थे और उनके साथ आभूषण बहुमूल्य रत्न भी समुद्र मंथन से प्राप्त हुए थे। तभी से इस दिन का नाम 'धनतेरस' पड़ा और इस दिन बर्तन, धातु आभूषण खरीदने की परंपरा शुरू हुई। 

2. दूसरा दिन(नरक चतुर्दशी) : दूसरे दिन को नरक चतुर्दशी, रूप चौदस और काली चौदस कहते हैं। इसी दिन नरकासुर का वध कर भगवान श्रीकृष्ण ने 16,100 कन्याओं को नरकासुर के बंदीगृह से मुक्त कर उन्हें सम्मान प्रदान किया था। इस उपलक्ष्य में दीयों की बारात सजाई जाती है। इस दिन को लेकर मान्यता है कि इस दिन सूर्योदय से पूर्व उबटन एवं स्नान करने से समस्त पाप समाप्त हो जाते हैं और पुण्य की प्राप्ति होती है। वहीं इस दिन से एक ओर मान्यता जुड़ी हुई है जिसके अनुसार इस दिन उबटन करने से रूप सौंदर्य में वृद्धि होती है। 

3. तीसरा दिन (लक्ष्मी पूजन): तीसरे दिन को 'दीपावली' कहते हैं। यही मुख्य पर्व होता है। दीपावली का पर्व विशेष रूप से मां लक्ष्मी के पूजन का पर्व होता है। कार्तिक माह की अमावस्या को ही समुद्र मंथन से मां लक्ष्मी प्रकट हुई थीं जिन्हें धन, वैभव, ऐश्वर्य और सुख-समृद्धि की देवी माना जाता है। अत: इस दिन मां लक्ष्मी के स्वागत के लिए दीप जलाए जाते हैं ताकि अमावस्या की रात के अंधकार में दीपों से वातावरण रोशन हो जाए।

दूसरी मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान रामचन्द्रजी माता सीता और भाई लक्ष्मण के साथ 14 वर्षों का वनवास समाप्त कर घर लौटे थे। श्रीराम के स्वागत हेतु अयोध्यावासियों ने घर-घर दीप जलाए थे और नगरभर को आभायुक्त कर दिया था। तभी से दीपावली के दिन दीप जलाने की परंपरा है। 5 दिवसीय इस पर्व का प्रमुख दिन लक्ष्मी पूजन अथवा दीपावली होता है।

इस दिन रात्रि को धन की देवी लक्ष्मी माता का पूजन विधिपूर्वक करना चाहिए एवं घर के प्रत्येक स्थान को स्वच्छ करके वहां दीपक लगाना चाहिए जिससे घर में लक्ष्मी का वास एवं दरिद्रता का नाश होता है। इस दिन देवी लक्ष्मी, भगवान गणेश तथा द्रव्य, आभूषण आदि का पूजन करके 13 अथवा 26 दीपकों के मध्य 1 तेल का दीपक रखकर उसकी चारों बातियों को प्रज्वलित करना चाहिए एवं दीपमालिका का पूजन करके उन दीपों को घर में प्रत्येक स्थान पर रखें एवं 4 बातियों वाला दीपक रातभर जलता रहे, ऐसा प्रयास करें।

4. चौथा दिन(गोवर्धन पूजा) : चौथे दिन अन्नकूट या गोवर्धन पूजा होती है। कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा को गोवर्धन पूजा एवं अन्नकूट उत्सव मनाना जाता है। इसे पड़वा या प्रतिपदा भी कहते हैं। खासकर इस दिन घर के पालतू बैल, गाय, बकरी आदि को अच्छे से स्नान कराकर उन्हें सजाया जाता है। फिर इस दिन घर के आंगन में गोबर से गोवर्धन बनाए जाते हैं और उनका पूजन कर पकवानों का भोग अर्पित किया जाता है। इस दिन को लेकर मान्यता है कि त्रेतायुग में जब इन्द्रदेव ने गोकुलवासियों से नाराज होकर मूसलधार बारिश शुरू कर दी थी, तब भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी छोटी अंगुली पर गोवर्धन पर्वत उठाकर गांववासियों को गोवर्धन की छांव में सुरक्षित किया। तभी से इस दिन गोवर्धन पूजन की परंपरा भी चली रही है।

5. पांचवां दिन(भाईदूज |Bhai Dooj) : इस दिन को भाई दूज और यम द्वितीया कहते हैं। भाई दूज, पांच दिवसीय दीपावली महापर्व का अंतिम दिन होता है। भाई दूज का पर्व भाई-बहन के रिश्ते को प्रगाढ़ बनाने और भाई की लंबी उम्र के लिए मनाया जाता है। रक्षाबंधन के दिन भाई अपनी बहन को अपने घर बुलाता है जबकि भाई दूज पर बहन अपने भाई को अपने घर बुलाकर उसे तिलक कर भोजन कराती है और उसकी लंबी उम्र की कामना करती है। 

इस दिन को लेकर मान्यता है कि यमराज अपनी बहन यमुनाजी से मिलने के लिए उनके घर आए थे और यमुनाजी ने उन्हें प्रेमपूर्वक भोजन कराया एवं यह वचन लिया कि इस दिन हर साल वे अपनी बहन के घर भोजन के लिए पधारेंगे। साथ ही जो बहन इस दिन अपने भाई को आमंत्रित कर तिलक करके भोजन कराएगी, उसके भाई की उम्र लंबी होगी। तभी से भाई दूज पर यह परंपरा बन गई।